ऐसे शुरू हुआ विक्रम संवत कैलेंडर

राजा विक्रमादित्य के नाम से भारत में विक्रम संवत के अनुसार अनुसार कैलेंडर की शुरुआत हुई सुप्रसिद्ध विद्वान आर्यभट्ट के अनुसार ईसा से 3102 वर्ष पूर्व हमारे यहां कलियुगी सवंत शुरू किया गया था ,जिसे आधुनिक अर्थ में विश्व का प्रथम कैलेंडर कहा जा सकता है | प्राचीन भारत में कालचक्र को विभिन्न ऋतुओ में बांटने की परंपरा थी | सबसे छोटा खंड ' पल ' होता था | इसके बाद दिन, माह, वर्ष ,दिव्य वर्ष, युग, महायुग मन्वंतर तथा कल्प आदि होते थे इसके लिए निश्चित और विस्तृत कालगणना थी | सुप्रसिद्ध विद्वान आर्यभट्ट के अनुसार ईसा 310 2 वर्ष पूर्व हमारे यहां कलियुगी सवंत शुरू किया गया था ,जिसे आधुनिक अर्थ में विश्व का प्रथम कैलेंडर कहा जा सकता है | चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय के शिलालेखों में भी इसका उल्लेख मिलता है | इसके बाद ईसा से 57 वर्ष । पूर्व सम्राट विक्रमादित्य ने अपने नाम से नया कैलेंडर शुरू किया ,जिसे विक्रम - सवंत कहते हैं | हमारे यहां जन साधारण में सर्वाधिक लोकप्रिय यही कैलेंडर है | हमारे उत्सव और पर्व आद...