पुनर्जन्म एक सुनिश्चित सत्य पुनर्जन्म को लेकर लोगों में सदा से ही कौतुक- कुतूहल रहा है | कुछ लोग इसे चमत्कार मानते हैं, तो कुछ लोग इसे मिथ्या मानते हैं | विभिन्न शास्त्रों में पुनर्जन्म संबंधित अनेक आख्यान वह प्रमाण है, जो यह प्रमाणित करते हैं कि पुनर्जन्म न तो कोई चमत्कार है, ना ही कोई अंधविश्वास | जो पैदा हुआ है उसकी मृत्यु निश्चित है, पर मृत्यु जीवात्मा के आगे की यात्रा का अंत नहीं है| जीवन की अतृप्त वासनाओं कामनाएं , और कर्मफल ही उसके जन्म व पुनर्जन्म के कारण है| जब व्यक्ति की वासनाएं , कामनाएं, कर्मसंस्कार पूर्णत: नष्ट हो जाते हैं तभी जीवन -मरण वह पुनर्जन्म के चक्रव्यू से मुक्त हो पाता है| हाँ यह बात दीगर है कि किसी- किसी को अपने पुनर्जन्म की स्मृतियां नए जीवन में भी मानस पटल पर आती रहती है पर सबकी अपने पुनर्जन्म की यादों का स्मरण हो जाए , यह आवश्यक भी नहीं है| पुनर्जन्म की ऐसी अनेक घटनाएं अक्सर कहीं ना कहीं घटती हुई दिखाई पड़ती है, या सुनाई पड़ती है| ऐसी ही एक घटना नासिक के 10 किलोमीटर उत्तर पूर्व के एक ...