आलस्य मानव का बहुत बड़ा दुश्मन (निबंध लेखन )
| आलस्य मानव का बहुत बड़ा दुश्मन
मनुष्य स्वभाव में आलस का भाव स्वाभाविक रूप से रहता है | संत कबीर दास जी ने कहा है ही है | कि काल करे सो आज कर आज करे सो अब पल में प्रलय हो जाएगी बहुरि करेगा कब हर मनुष्य सोचता है कि अपना काम तो वह कभी भी कर सकता है पर ऐसा सोचते हुए उसका समय निकल जाता है | समझदार मनुष्य इस बात को जानते हैं इसलिए ही वह विकास के पथ पर चलते हैं अक्सर लोग अपनी सफलता और निराशा को लेकर भाग्य को कोसते हैं | जबकि वास्तविकता यह है कि विकास का समय हर आदमी के पास आता है | और जो अपने ज्ञान और विवेक से उसका लाभ उठाते हैं| उनकी पीढ़ियों का भी भविष्य सुधर जाता है | संसार में सफल और प्रभावशाली व्यक्तित्व का स्वामी उद्योगपति तथा प्रतिष्ठा भाव लोगों की संख्या आम लोगों से कम होती है| इसका कारण यह है कि सभी लोग समय का महत्व नहीं समझते और आलस के भाव से ग्रसित रहते हैं।
समय का सदुपयोग करें
हमारे जीवन के साथ जो अनवरत चलता रहता है वह है समय हमारा समय और जीवन एक साथ प्रति क्षण नष्ट हो रहे हैं | हमारे जीवन के साथ जिस चीज का सम्मान होना चाहिए वह केवल समय है | इसलिए हमें उपलब्ध समय का सदुपयोग करना चाहिए | समय के महत्व को इस तथ्य से समझा जा सकता है| कि समय को कोई भी ना तो पैदा कर सकता है और ना ही इसे खरीद सकता है | यदि हम रात को छोड़ दें तो दिन में केवल हमारे पास 12 घंटे होते हैं, अर्थात 720 मिनट या केवल 43200 सेकंड। यह वही समय होता है जिसमें हमें सभी दैनिक क्रिया करते हुए स्वयं के विकास के लिए भी समय निकालना पड़ता है समय का एक-एक क्षण कीमती है यदि कोई व्यक्ति दुर्घटना में बाल-बाल बचा है तो वह उस समय को उसके जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण समय बता देगा और सदैव उस समय के प्रति सम्मान रखेगा जिसमें उसका अमूल्य जीवन बचा।
न समय को बना सकते ना खरीद सकते
वर्तमान में हमारे जीवन की सबसे प्रमुख समस्या समय की कमी है समय की कमी का यह बहाना लगभग हम सभी लोगों के सामने रोज ही आता है हम सभी इस बात से भलीभांति परिचित हैं | कि समय को हम बना नहीं सकते और ना ही किसी से खरीद सकते हैं यदि हमारे पास कोई शक्ति है जो इसे नियंत्रित कर सकती है तो वह केवल समय का उचित प्रबंधन ही है|
समय का सबसे बड़ा दुश्मन या शत्रु आलस्य है
समय का सबसे बड़ा शत्रु आलस्य है साथ ही आलस्य हमारे विकास महत्वकांक्षी और अपेक्षाओं के लिए भी घातक है | आलस्य हमारी सारी संभव संभावनाओं पर विजय प्राप्त कर लेता है | और जब लोग पूरी तरह से आलसी हो जाते हैं, तो वह चाहकर भी आलस्य से स्वयं को दूर नहीं रख पाते | अतः आलस्य को पास फटकने भी नहीं देना चाहिए।
समय के उचित प्रबंधन के लिए हमें यह विश्लेषण करना होगा, कि हम अपने दैनिक समय को किस प्रकार से उपयोग में लाते हैं | यह इस बात को सुनिश्चित करेगा, कि हमें क्या परिवर्तन हमारे दैनिक क्रियाकलापों में करने होंगे | जिससे हम प्राप्त समय को हमारी स्वयं की सफलता में उपयोग कर सकें| समय के उचित प्रबंधन के लिए बेहतर योजनाबद्ध तरीके से काम करना जरूरी है।
जिस तरह जीने के लिए ऑक्सीजन
वैसे ही सफलता के लिए समय का सदुपयोग सकारात्मक सोच के साथ सकारात्मक व्यवहार साथ ही समय का सकारात्मक उपयोग साथ मिलकर कार्य करें | तो आप सफलता को प्राप्त कर पाना संभव हो जाता है । यही कारण है कि सकारात्मक सोचना ही सफलता को सुनिश्चित नहीं करता है | अतः आप यह मान कर चलिए कि जिस प्रकार ऑक्सीजन जीवन के लिए जरूरी है ठीक उसी प्रकार सफलता के लिए समय का सदुपयोग भी आवश्यक है मोटे तौर पर देखा जाए तो समय को नियंत्रित कर पाना संभव नहीं है पर यदि हम स्वयं को व्यवस्थित रखें | और आने वाले समय की पहले से ही तैयारी करें साथ ही स्वयं को प्रश्न दे कि समय का उपयोग किस प्रकार से करेंगे | तो हम हमारे लिए बहुमूल्य समय बचा सकते हैं | आप अपने आने वाले दिन की तैयारी रात में ही कर ले आने वाले दिन के कार्य और उन पर लगने वाला समय भी निश्चित करें | और कोशिश करें कि कार्य तय अवधि में पूर्ण हो अपने आपको व्यवस्थित करें | कभी-कभी एक पेन या चाबी जैसी छोटी वस्तु ढूंढना भी एक संघर्ष बन जाता है छोटी-छोटी लेकिन जरूरी वस्तुएं संभाल कर रखें जो समय पर मिल जाये।
अंत में – दोस्तों इस आर्टिकल में मैंने आपकोआलस्य मानव का बहुत बड़ा दुश्मन के बारे में जानकारी प्राप्त कराया
अब मुझे उम्मीद है की आपको इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद कोई कन्फूज़न नहीं होगा, फिर भी अगर आप मुझसे कोई सवाल करना चाहते हैं, तो मुझे कमेंट में बताईये आर्टिकल अच्छा लगा तो अपने मित्रो के साथ भी शेयर करे | धन्यवाद
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